नई दिल्ली:दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के जारी प्रदर्शन के बीच अभिनेत्री खुशी भारद्वाज ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा करते हुए छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी यह अपील किसी राजनीतिक दल या धार्मिक मुद्दे से जुड़ी नहीं है, बल्कि देश के छात्रों, उनकी शिक्षा और उनके भविष्य से संबंधित है।
खुशी भारद्वाज ने अपनी पोस्ट की शुरुआत इन शब्दों से की,”आज, मैं एक एक्टर के तौर पर पोस्ट नहीं कर रही हूँ। मैं एक स्टूडेंट के तौर पर पोस्ट कर रही हूँ।”इसके बाद उन्होंने लिखा कि यह मुद्दा “हिंदू बनाम मुस्लिम”या “बीजेपी, कांग्रेस या किसी राजनीतिक पार्टी”का नहीं है, बल्कि छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में निष्पक्षता का है।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई एक फेयर और ट्रांसपेरेंट एजुकेशन सिस्टम की मांग को लेकर है। उनके अनुसार, यदि आज छात्र अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आवाज़ नहीं उठाएंगे, तो फिर उनके लिए कौन बोलेगा।
अपनी पोस्ट में खुशी ने लोगों से अपील की कि वे उन छात्रों का समर्थन करें जो शांतिपूर्ण तरीके से जवाबदेही (Accountability) और निष्पक्षता (Fairness) की मांग कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि एक बेहतर शिक्षा व्यवस्था का लाभ हर छात्र को मिलेगा, चाहे उसका धर्म, जाति या राजनीतिक विचार कुछ भी हो।
खुशी भारद्वाज ने यह भी स्वीकार किया कि हर व्यक्ति उनकी राय से सहमत हो, यह ज़रूरी नहीं है। उन्होंने लिखा कि अगर छात्र हित में अपनी बात रखने के कारण लोग उन्हें सोशल मीडिया पर अनफॉलो करना चाहते हैं, तो यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है।
पोस्ट के अंत में अभिनेत्री ने लिखा, “जब स्टूडेंट्स अपनी बात कह रहे हों तो चुप रहने के बजाय मैं फॉलोअर्स खोना पसंद करूंगी। स्टूडेंट्स पहले। हमेशा।”
खुशी भारद्वाज की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। कई यूजर्स उनकी स्पष्ट राय की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ भी दे रहे हैं।

